पारंपरिक तरीके से घर पर पोर्क सॉसेज बनाने की विधि, जिसमें सिर्फ नमक और काली मिर्च डाली जाती है
फ्राइंग पैन में सॉसेज धीरे-धीरे सुनहरी हो रही हों, तो रसोई में रविवार के खाने की खुशबू आने लगती है। घर पर सॉसेज बनाने की यह विधि हाथ से बनी चीज़ों का वही स्वाद लौटाती है, जिसमें हल्के मसाले अपनी पसंद के हिसाब से रखे जा सकते हैं। इसके लिए बस कुछ बुनियादी सामग्री चाहिए और यह घर पर तैयार किए गए संरक्षित मांस उत्पादों के सभी शौकीनों को पसंद आएगी। एक बार कीमा बनाने की मशीन निकाल लें, तो मन में यही आता है कि इसे पहले क्यों नहीं बनाया।
पारंपरिक सॉसेज क्या होती है?
यह पकाकर खाने वाली ताज़ी सॉसेज है, जिसे कम चर्बी वाले पोर्क और सूअर की चर्बी का कीमा बनाकर तैयार किया जाता है। इसमें सिर्फ नमक और काली मिर्च मिलाई जाती है, फिर इसे आँत के खोल में भरा जाता है। इस बुनियादी मिश्रण में बाद में अपनी पसंद के अनुसार खुशबूदार जड़ी-बूटियाँ, टमाटर या शिमला मिर्च मिलाई जा सकती हैं।
फ्रांस की क्षेत्रीय खानपान परंपराओं में सॉसेज
फ्रांस के अलग-अलग क्षेत्रों में सॉसेज सदियों से बनाई जाती रही है। हर क्षेत्र की अपनी किस्म है : सादगी और मांस की भरपूर मात्रा के लिए मशहूर टूलूज़ सॉसेज, सॉसिस द कुएन और आर्देश की सूखी सॉसेज।
शुरुआत में किसानों के लिए मांस को सुरक्षित रखने का एक तरीका रही सॉसेज धीरे-धीरे हर घर की खाने की मेज़ तक पहुँच गई। इस सरल तरीके का लाभ पूरी दुनिया उठाती है, कातालान सॉसेज से लेकर चोरिज़ो और ट्यूनीशियाई मर्गेज़ तक। और इसकी किस्में यहीं तक सीमित नहीं हैं, इनमें सेप मशरूम वाली बूदैं ब्लाँ से लेकर सेरवेला तक शामिल हैं।
पारंपरिक सॉसेज की मुख्य सामग्री
इस विधि में केवल चार चीज़ें लगती हैं : कम चर्बी वाला पोर्क (गर्दन के पास के कंधे या पिछली टाँग का मांस), सूअर के पेट की चर्बी, नमक और काली मिर्च। लगभग 70 % बिना चर्बी वाला मांस और 30 % चर्बी रखें।
पाते में अक्सर इस्तेमाल होने वाले मोटे नमक या नाइट्राइट वाले नमक की जगह बारीक नमक लें। यह अधिक समान रूप से मिलता है और मसालों का स्वाद मांस में बेहतर ढंग से फैलता है।
सॉसेज भरने की तकनीकी बातें
गाइड और नोज़ल लगी कीमा बनाने की मशीन से सॉसेज भरते समय क्या ब्लेड और छेद वाली जाली लगी रहने देनी चाहिए? टाइप 8 से शुरू होने वाले कुछ मॉडलों के साथ एक « गाइड डिस्क » मिलती है, जिसे सॉसेज भरते समय ब्लेड की जगह लगाया जाता है। तब मशीन का सर्पिल पेंच मांस को सॉसेज भरने की कीप में धकेलता है और यह डिस्क, या एक खास स्पेसर, पेंच को अपनी जगह टिकाए रखता है, ताकि वह आगे-पीछे खिसके बिना घूम सके।
अगर आपकी कीमा बनाने की मशीन में यह स्पेसर नहीं है, तो पेंच को खिसकने से रोकने के लिए गाइड डिस्क के साथ बड़े छेद वाली जाली लगाएँ।
सर्पिल पेंच की मदद से सॉसेज भरते समय मांस को दोबारा पीसने से बचें : इससे कीमे का पानी निकल जाएगा और सॉसेज का स्वाद कम हो जाएगा। अगर मांस को दोबारा मशीन से निकालना ही पड़े, तो इस असर को कम करने के लिए सबसे बड़े छेद वाली जाली लें।

उपकरण
- कीमा बनाने की मशीन
- 12 आँतों के खोल
सामग्री
- 700 ग्राम कम चर्बी वाला सूअर का मांस गर्दन के पीछे का हिस्सा या पिछली रान
- 300 ग्राम सूअर का चर्बीदार मांस पेट का हिस्सा
- 15 ग्राम नमक
- 3 ग्राम काली मिर्च
विधि
- कीमा जितना महीन या मोटा चाहिए, उसके अनुसार 6 या 8 मिमी की जाली लगाकर सूअर के कम चर्बी वाले और चर्बीदार मांस का कीमा बना लें।
- सभी सामग्रियों को हाथ से गूँधते हुए अच्छी तरह मिलाएँ, ताकि एकसार मिश्रण बन जाए।
- अगर आपके पास मांस मिलाने की मशीन है, तो मिश्रण आसानी से तैयार करने के लिए उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
- कीमा बनाने की मशीन में 20 मिमी की सॉसेज भरने वाली कीप लगाएँ और इस मिश्रण को आँतों के खोल में भरें।
- यह सॉसेज बनाने की मूल विधि है। आप अपने स्वाद के अनुसार प्रोवांस की सूखी खुशबूदार जड़ी-बूटियों का मिश्रण, टमाटर, शिमला मिर्च या कोई भी अन्य सामग्री मिलाकर इसका स्वाद बदल सकते हैं।