इस सॉस का मूल अनुपात सरल है : 1 भाग सोया सॉस के लिए 1 भाग खट्टे फलों का रस। फिर थोड़ी दाशी, मिरिन या चावल का सिरका डालकर इसे अपने स्वाद के अनुसार ढाल लें। ताज़ा बनी सॉस में खट्टे फलों का स्वाद बहुत तीखा होता है ; कुछ देर रखने से यह नरम पड़ जाता है।यूरोप में ताज़ा यूज़ू कम मिलता है और महँगा होता है। इसका सबसे अच्छा विकल्प बोतल में मिलने वाला 100 % यूज़ू का रस है, जो एशियाई किराने की दुकानों या ऑनलाइन मिलता है। इसे उतनी ही मात्रा (100 मिलीलीटर) में इस्तेमाल करें। यूज़ू न हो तो 100 मिलीलीटर रस के लिए ये दो मिश्रण अच्छे रहते हैं : 50 मिलीलीटर पीले नींबू का रस और 50 मिलीलीटर हरे नींबू का रस ; या 50 मिलीलीटर पीले नींबू का रस, 30 मिलीलीटर हरे नींबू का रस और 20 मिलीलीटर चकोतरे का रस, जिससे यूज़ू जैसा हल्का कड़वापन आता है। निचोड़ा हुआ हरे नींबू का रस जल्दी कड़वा हो जाता है : इसलिए सॉस बनाते समय ही खट्टे फल निचोड़ें।मिरिन और साके को गरम करके उनका अल्कोहल उड़ाने की प्रक्रिया को निकिरी कहते हैं : यह चरण छोड़ देने पर सॉस में अल्कोहल का कड़ा स्वाद बना रहता है।काँच या सिरेमिक के बर्तन का इस्तेमाल करें और इस्तेमाल से पहले उसे उबलते पानी से धो लें : सॉस अम्लीय होती है और धातु के बर्तन में रखने पर उसमें धातु जैसा स्वाद आ जाता है।छानने के बाद सॉस को काँच की साफ़ बोतल में भरकर फ्रिज में रखें। ताज़े रस से और बिना सिरके के बनी यह सॉस लगभग एक महीने तक रखी जा सकती है। इसे बर्फ़ जमाने की ट्रे में भी जमाया जा सकता है।